धनतेरस : चांदी खरीदना माना जाता है शुभ

जोधपुर। त्रयोदशी तिथि चार नवंबर की रात एक बजकर 24 मिनट पर आरंभ होगी, जबकि पांच नवंबर को रात 11 बजकर 46 मिनट तक रहेगी। इस दौरान विश्वकुंभ योग बन रहा है। यह पर्व कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी धनत्रयोदशी के रूप मे मनाई जाती है। यह दीपावली के आने की शुभ सूचना है। धनतेरस के दिन वैद्य धनवंतरी के पूजन का विधान शास्त्रों में बताया गया है। कहते हैं कि इस दिन धनवंतरी वैद्य समुद्र से अमृत लेकर आए थे, इसलिए धनतेरस को धनवंतरी जयंती भी कहते है। धनवंतरी को चिकित्सकों का देवता भी कहा जाता है, इसलिए धनतेरस का दिन चिकित्सकों के लिए विशेष महत्व रखता है। पांच दिवसीय दीपावली पर्व का आरंभ धन त्रयोदशी से होता है। इस दिन यमराज से प्रार्थना करने पर असामयिक मृत्यु से बचा जा सकता है। धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरी का जन्म हुआ था। धनतेरस के दिन अपनी शक्ति अनुसार बर्तन क्रय करके घर लाना चाहिए एवं उसका पूजन करके प्रथम उपयोग भगवान के लिए करने से धन-धान्य की कमी वर्ष पर्यांत नहीं रहती है।


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DesertTimes.in

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