‘मेरे झांकीवाले ने मोह लियो री, अब मैं क्या जानू ’

– श्रीझांकीवाले बालाजी भजन मंडल के अद्र्धरात्रि जागरण में झूमे श्रृद्वालू श्रीगंगानगर। ‘मेरे झांकीवाले ने मोह लियो री, अब मैं क्या जानू ’, ‘बालासा थाने कुण सजायों जी, म्हारो मनड़ों हर लीनो, बाबा थै हो बलकारी’…, जैसे भक्तिमय भजनों पर भावविभोर होकर झूमते श्रृद्वालूू और बाबा का गुणगान करते श्रीबालाजी भजन मंडल के सेवादार। मौका …

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